
धर्मजय गढ़ -: भारत सरकार द्वारा भारत विभाजन व पाकिस्तान विभाजन के दरमिआन रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ तहसील मे 1960 से 1980 तक 642 परिवार को आर° आर ° नंबर के अनुसार 03 ग्रामो मे बसाया गया था। इनको जीवन यापन के लिए पहले पहले 7 एकड़ व बाद मे 5 एकड़ भूमि आबानटन किया गया था। आबंत्रित भूमि को राज्य शासन आपदा विभाग मंत्रालय रायपुर से 2014 मे भूमि स्वामी हक़ के लिए प्रदत्त आदेश / निर्देशानुसार भूमि स्वामी हक़ प्रदान किया गया।इस आबानटन भूमि के बिना जिलाध्यक्ष की आज्ञा / स्वीकृति (परमिशन ) के भूमि का क्रय विक्रय डायवार्सन बी 1 पर दूसरे के नाम चढ़ाना तथा उसको प्लांटिंग कर बेचा जा रहा है। तहसील धर्मजयगढ़ राजस्व ग्राम धर्मजयगढ़ कॉलोनी प° ह° न° 33 व राजस्व ग्राम बायसी कॉलोनी प° ह° न ° 36 मे कई भूमि का विधि विरुद्ध क्रय विक्रय के साथ डायवर्सन तो हुआ है। पर हद तो तब पार की गयी इस आबानटन भूमि प ° ह ° न° 33 धर्मजयगढ़ कॉलोनी की खसरा नंबर 391 रकबा 2-833 हे° भूमि पर सत्ता पक्ष के लोग द्वारा पहले भूमि का बांटाकन कर 03 मांगने मे विभाजित करते हुए 391/1/391/2/391/3 करवाया तत्पश्चात 391/3 को अपने नाम रजिस्ट्री करवा छोटी – छोटी प्लाटो मे बांटकर लोगो को गुमराह करते हुए ऊँची कीमतों (डिसमिल) मे बेचा गया। यह की उपरोक्त भूमि वार्ड -8 क्षेत्र अंतर्गत है इनके द्वारा नगर पालिका का अधिनियम की धारा 339 का उल्लंघन तो किया है और न ही इनके पास रेरा का पंजीयन है। इन्होने 391/3 को 21/12/2023 को एक एकड़ सत्तर डिसमिल तथा डेढ़ एकड़ को रजिस्ट्री अपने नाम से पट्टा बनवा लिया जिसका न्यायलय तहसीलदार से प्रमाडिट करते हुए पट्टा अपने नाम बनवा लिया। वही 391/1 को 20/03/2023 को भूमि स्वामी से कोई दूसरे द्वारा रजिस्ट्री करवाया। परन्तु 391/1 भूमि पर भू अर्जन लिख नामांतरण निरस्त किया गया है। 391/3 को भूमि मालिक द्वारा कालोनैजार्स के तरह छोटी छोटी टुकड़ो (5-10 डिसमिल ) मे बांटकर बीसो लोगो को गुमराह करते हुए 18/12/2024 से 8/05/2025 तक बेचा गया तथा नामांतरण की कार्यवाही 2024-25 -176-1-813 व 2025-26-176-1-78 मे निम्ननुसार नामांतरण कर उस खरीदी गए भू धारको के नाम चढ़ परचा पट्टा बना लिया।वन भूमि पुर्णवास भूमि व सिंह देव भूमि बिना कलेक्टर के परमिशन बगैर रजिस्ट्री नहीं हो सकता तथा पुर्नावास भूमि दान बिक्री वसीयत भी वरीशान के छोड़ नहीं हो सकता। भू माफियाओ के द्वारा पहले अपने नाम रजिस्ट्री करवाया फिर छोटी टुकड़ो मे बांटकर न. पा. अधि. 1961 धारा 339 की आवोल हना की तथा एक खसरा भूमि मे भू अर्जन अंकित होना दूसरे तीसरे भाग मे नहीं होना तथा एक भाग मे रजिस्ट्री उपरांत नामांतरण हो जाना तीसरे भाग मे नामांतरण के बाद टुकड़ो मे विभाजित करने व उसका नामांतरण हो जाना कई सवाल खड़ा हो जाता है। इन अवैधनिक लोगो द्वारा विधि विरुद्ध किये गए पुर्णवास भूमि का बंटवारा दान वसीयत नामा क्रय विक्रय को जांच करते हुए शून्य घोषित करते हुए। इन पर वैधनिक कार्यवाही किया जाना नयोचित होगा।




