



धरमजयगढ़ :- जी हां रायगढ़ जिले के, धरमजयगढ़ ब्लॉक में, 11 नवम्बर को अडानी ग्रुप के मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड कंपनी द्वारा, प्रस्तावित पुरुंगा में भूमिगत कोल माइंस की पर्यावरण स्वीकृति के लिए जनसुनवाई होना है। जिसको लेकर प्रस्तावित ग्राम, पुरुंगा, साम्हरसिंघा और तेंदूमुड़ी के ग्रामीण, जिले से लेकर ब्लॉक ऑफिस तक, लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है।
यह क्षेत्र, पांचवी अनुसूचित के अंतर्गत आता है। जहां पेशा कानून लागू है। जिसके तहत, तीनों गांव के ग्रामीण, विशेष ग्रामसभा बैठक कर, सर्व सहमति से, जनसुनवाई को निरस्त करने का प्रस्ताव किया गया है। वही प्रस्ताव का कापी भी 22 अक्टूबर को, रायगढ़ जाकर कलेक्टर को सौंपा गया है।
लगातार ग्रामीणों का विरोध होता देख, 29 अक्टूबर को मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स कंपनी के कर्मचारी, खीतीभूषण डनसेना द्वारा, धरमजयगढ़ एसडीएम आफिस, बरतापाली और सागरपुर के कुछ युवाओं को, कुछ आर्थिक सहायता और नौकरी का प्रलोभन देकर, कंपनी में जनसुनवाई सफल रूप से, करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। वही जब इसकी जानकारी, ग्रामीणों को हुई तो, प्रस्तावित ग्रामीण, बरतापाली गांव में जाकर बैठक किए, जहां जो लड़के कंपनी के समर्थन में ज्ञापन सौंपे थे। उनके द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि, कंपनी का कर्मचारी खीतीभूषण डनसेना, हमलोगो को प्रलोभन देकर बिना जानकारी का , दस्तखत करवाया । सभी बातों को सुनकर ल, 30 अक्टूबर शुक्रवार को, बरतापाली गांव के युवक और प्रस्तावित गांव के ग्रामीण, एकबार फिर धरमजयगढ़ एसडीएम आफिस पहुंचकर, गुरुवार को दिए ज्ञापन को, निरस्त करने की मांग करते हुए दुबारा ज्ञापन सौंपा गया।
ग्रामीणों का कहना की, कंपनी आपस में ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बनाकर लड़ाई करवाना चाहती है। और अपना जनसुनवाई को सफल करना चाहती है। जिससे ग्रामीणों का अपील है कि, कोई भी कंपनी के समर्थन में आकर, आपसी मतभेद ना करे। वही शासन को गुमराह करने के लिए, खीतीभूषण डनसेना पर कार्यवाही करने के लिए, धरमजयगढ़ थाना पहुंचकर, लिखित शिकायत किया गया।




