
धर्मजयगढ़ -: हजार जनसंख्या व 15 वार्डो कि नगर पंचायत में सत्ताधारी दल के 10 पार्षद विपक्ष _ 04 निर्दलीय पार्षद _01 निर्वाचित हैं। अध्यक्ष भी सत्ता का है। अपने वार्डो के विकास व मौलिक सुविधा दिलाने के लिए सत्ता धारी दल के पार्षद अध्यक्ष के साथ उलझते हुए नजर आ रहा। हद तो तब ही गई वार्ड _03 में ट्यूबलर लाइट लगवाने के लिए भूमिपूजन पर अन्य वार्ड के पार्षद उपस्थित वस्तु संबंधित वार्ड के पार्षद उपाध्यक्ष नदारत रहे। नगर पंचायत को नगर को करने के लिए 2024 में राज्य सरकार ने फंड जारी किया था जिसके कार्य निविदा के एक वर्ष बाद प्रारंभ हुआ है। अध्यक्ष द्वारा बिना परिषद/ पी.आई.सी एवं राज्य शासन की स्वीकृति के विरुद्ध ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से स्थल परिवर्तन कर दिया। जिसे लेकर सत्तापक्ष के पार्षद पतियों के द्वारा आए दिन नगर पंचायत में हंगामा करना शुरू कर दिया अध्यक्ष द्वारा राज्य के एक मंत्री का संरक्षण प्राप्त होने की बात कर विपक्ष को छोड़िए सत्तापक्ष के उपाध्यक्ष वपार्षदों की बातों को तौहीन करते हुए अधिकारी के साथ मनमर्जी करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों वार्ड _03 में निविदा के अनुरूप 13.60 लाख रुपए का ट्यूबलर लाइट लगवाने के लिए भूमिपूजन किया गया जिसमें संबंधित वार्ड के पार्षद उपाध्यक्ष को न बुलाकर अन्य वार्ड के पार्षद पतियों व पार्षद को आमंत्रण कर अधिकारियों की उपस्थिति में कर दिया। इसके पूर्व भी कई अन्य कामों को कसे के लिए अध्यक्ष द्वारा अपने दल के पार्षदों से सलाह मशवरा न कर कार्य सम्पन्न किया जा रहा है। जिसके क्षुब्ध होकर उपाध्यक्ष व अन्य सदस्य को कई बार अध्यक्ष के विषय में बैठकी कर इसके विरुद्ध माहौल तैयार करते नजर आ रहे हैं। नगर की जनता बड़ी उम्मीद की साथ नगर में ट्रिपल इंजन की सरकार स्थापित कसे एक तरफा वोट किया अध्यक्ष द्वारा अपने दल के सदस्यों की अनदेखी करते हुए कोई भी कार्य नगर पालिका अधिनियम का परिपालन न करते हुए जा रहा है। जिसका सहयोग अधिकारी भी कर रहे हैं। आए दिन नगर पंचायत में पार्षद व उनके पतियों के द्वारा विवाद कर रहे हैं। नगर अध्यक्ष एवं मंत्री का धौंस जताने राजनीति में परिपक्व न होने व पार्षदों के साथ ताल मेल न बैठने पर सत्ताधारी दल के संगठन के कार्यकर्ता भी दबे आवाज में गलत व्यक्ति का पर पछता रहे हैं। आम आदमी चर्चा आम हो चुकी है जो हुआ गलत हुआ दुर्भाग्य है धर्मजयगढ़ का सालों _ साल से विकास के नाम से वही की वही है।




