

धरमजयगढ़ कॉलोनी में वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी, गरबा-डांडिया और बंगाली नृत्य की प्रस्तुतियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र..

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ कॉलोनी में प्रतिवर्ष हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव के साथ आयोजित होने वाली काली पूजा इस बार भी सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होने जा रही है। मां काली की आराधना, संध्या आरती और भक्ति के उल्लास के बीच एक बार फिर गरबा, डांडिया एवं पारंपरिक बंगाली नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं और दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनने जा रही हैं।
वहीं काली पूजा के अवसर पर विगत कई वर्षों से संध्या आरती के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी श्यामा ग्रुप अपनी आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के बीच उपस्थित होने जा रहा है। समूह के सदस्यों द्वारा नृत्य की तैयारियां की जा रही हैं, जिससे आयोजन की रौनक और सांस्कृतिक छटा में चार चांद लगने की उम्मीद है।


श्यामा ग्रुप की इस सांस्कृतिक प्रस्तुति में सोनू मंडल (ग्रुप लीडर), चंपा गाईन (मैनेजमेंट प्रभारी), सरस्वती हालदार, सुदीप्ता, दीपमाला, बेला, बीनू, बॉबी, दीपांजलि शारदा, गीता, लवली, तुलसी, प्रिया, सोनाली, माही, गुनगुन, इशिका, संजू, जुनी, स्मिता, मिस्टी, पार्वती, निनी, समृद्धि, रिद्धि, पूजा, पिहू, पूर्णिमा, संजना, चेतना, सोनू, रुम्पी, सुधा, प्रगति सहित अन्य सदस्य अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
दर्शकों से की गई विशेष अपील…
श्यामा ग्रुप की ओर से नगरवासियों एवं क्षेत्र के श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे इस वर्ष काली मैया के पावन पूजन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने अवश्य पहुंचें। दर्शकों की उपस्थिति और प्रोत्साहन ही कलाकारों का उत्साहवर्धन करेगा तथा उनकी प्रतिभा को नया मंच प्रदान करेगा।
नए प्रतिभागियों के लिए भी खुला आमंत्रण…
श्यामा ग्रुप में शामिल होकर नृत्य प्रस्तुति देने के इच्छुक नए प्रतिभागियों के लिए भी अवसर उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक व्यक्ति ग्रुप लीडर सोनू मंडल से उनके इंस्टाग्राम आईडी @sonubuchu09 पर डायरेक्ट मैसेज (DM) के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। समूह की ओर से बताया गया है कि इस वर्ष नृत्य स्थल में बदलाव किया गया है। नए प्रतिभागियों के संपर्क एवं पंजीयन की अंतिम तिथि 06 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
मां काली की भक्ति के साथ लोक-संस्कृति, नृत्य और सामूहिक उत्साह का यह संगम धरमजयगढ़ कॉलोनी की काली पूजा को एक बार फिर यादगार बनाने की तैयारी में है।





