

धर्मजयगढ़_: s.e.c.l को धर्मजयगढ़ में दुर्गापुर।। खदान लगभग 1677 हे० भूमि पर ओपन कास्ट माइंस के लिए क्रेंद्र व सरकार द्वारा 2014 तक भूमि पर से समस्त अधिकार पाने के उपरांत स्थानीय विरोध के कारण अब तक चालू नहीं हो पाया अब जाकर प्रभावित किसान सहमति प्रदान करने राजी हो रहे हैं। प्रस्तावित परियोजना में ग्राम तराईमार बायसी बायसी कॉलोनी धर्मजयगढ़ कॉलोनी शाहपुर दुर्गापुर कुल भूमि 4144 एकड़ भूमि अधिग्रहित है। जिसमें राजस्व भूमि क्रमशः 28,01,32,150,1980,370,768 एकड़ भूमि है। तथा छोटे क्षेत्र बड़े क्षेत्र की भूमि 252 हे० सम्मानित है। सबसे ज्यादा पुनर्वास धर्मजयगढ़ कॉलोनी की है। कुल प्रभावित ग्रामों में लगभग 2000 से 2200परिवार प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व वेदांता व डी .बी. पावर कंपनी प्राइवेट के नुमाइशो के द्वारा कुछ अग्र प्रतिनिधियों के भारी भरकम सेवा शुल्क प्रदान की थी। तथा वही प्रतिनिधि इस सरकारी कंपनी से भी सेवा शुल्क पाने के लिए पिछले 10 वर्षों से विरोध जता रहे हैं। जब इन्हें कुछ न पाए मिलने की उम्मीद न होने पर अब कंडीशन रख समर्थन करने लिखित में कंपनी को दे रहे। प्रभावित किसान परिस्थितियों से अनुमित होकर भारी नुकसान का अनुमान के बाद इन सेवाशुल्क धारियों के दरकिनार करते हुए तराईमार और बायसी के किसान जमीन देने के लिए पूर्ण सहमति देने कर राजी हो गए तथा धर्मजयगढ़ कॉलोनी के प्रभावित किसानों में 90% किसान दबे आवाज में s.e.c.l को जमीन देने की बात कर रहे हैं। तथा कुछ स्वार्थी लोग अपने हित लांघने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच के प्रति समर्थन/ सहमति न देने की दबाव बना रहा है। एक गांव के किसान खुलकर सामने आ गया पहले s.e.c.l की कोर्ट मुख्यालय गया काम नहीं बना तो स्थानीय लोगों व गांव वालों पर दबाव बनाकर जमीन न देने की बात कर रहा है। एक समय इन्हीं लोगों में से कुछ लोग वेदांता डी बी पावर को समर्थन देने आगे आया था। कोल कंपनी के द्वारा धीरे धीरे अपनी चाल चलते हुए धारा 21_22 तक पहुंच चुका है। प्रभावित लोगों को खदान विलंब से चालू व नुकसान को भांपते हुए अब जमीन देने के लिए राजी हो रहे हैं। प्रभावित किसानों को कंपनी द्वारा नियमों के तहत् दी जानी वाली सुविधा मुआवजा आदर्श पुनर्वास की थी वमव्यवस्थापक रोजगार रोजगार के संबंध में कार्यवाही करनी चाहिए।




